विभाग के दायित्व

मध्यप्रदेश शासन, द्वारा कार्य आवंटन नियम में जनजाति कल्याण विभाग को निम्नानुसार दायित्व सौंपे गये हैं –

  • जनजाति क्षेत्रों में समाज सेवाओं का समन्वय
  • एकीकृत जनजाति विकास कार्यक्रम तथा जनजाति परियोजनाएं
  • जनजाति उप आयोजना का अवधारण तथा अनुमान
  • जनजाति क्षेत्र विकास योजना एवं अनुसंधान
  • जनजातियों के समग्र विकास हेतु योजनाऐं, नीति निर्धारण एवं कार्यक्रमों का क्रियान्वयन
  • ऐसे सेवाओं से संबद्ध सभी विषय जिनका विभाग से संबंध हो (वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग को आवंटित किये गये विषयों को छोड़कर) उदाहरणार्थ पदस्थापना, स्थानांतरण, वेतन, छुट्टी, सेवानिवृत्ति वेतन, पदोन्नतियां, भविष्य निधि, प्रतिनियुक्तियों, दण्ड तथा अभ्यावेदन
  • संविधान की पांचवी अनुसूची के अधिकारों और जनजातीय क्षेत्र के हितों के संरक्षण व संवर्धन के लिये प्रहरी के रूप में कार्य करना । अनुसूचित क्षेत्र - जनजाति मंत्रणा परिषद
  • जनजाति बाहुल क्षेत्रों के विकास हेतु प्राथमिकताओं का निर्धारण कराने हेतु आदिवासी उपयोजना कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विकास विभागों को बजट उपलब्ध कराने हेतु नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करना एंवं अनुश्रवण करना
  • जनजाति के शैक्षणिक/सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन
  • संदेहास्पद जनजाति प्रमाण पत्र की जांच करना
  • विशेष पिछडी जनजाति समूह के विकास हेतु नीति निर्धारण एवं योजनाओं का क्रियान्वयन
  • विशेष केन्द्रीय सहायता से संचालित योजनाओं का नियोजन एवं अनुश्रवण
  • संविधान के अनुच्छेद 275(1)के अंतर्गत प्राप्त केन्द्रीय सहायता अंतर्गत योजनाओं की स्वीकृति एवं अनुश्रवण
  • जनजातीयों में तकनीकी एवं गुणात्मक शिक्षा का विकास
  • जनजातीयों की सामाजिक सुरक्षा एवं शोषण से बचाव
  • आदिवासी उपयोजना की राशि के संबंध में नोडल विभाग के रूप में अन्य विकास विभागों से समन्वय ।
  • आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में विभिन्न विभागों के द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी कार्यपालिक अधिकारियों का प्रशिक्षण ।
  • जनजातीयों का हित संरक्षण ।

विभाग का उद्देश्य

जनजातीय कार्य विभाग, प्रदेश सरकार का एक प्रमुख विभाग है, जिसे जनजाति वर्गों के विकास एवं हित संरक्षण का दायित्व सौंपा गया है। इस दायित्व के निर्वहन हेतु विभाग जहां एक ओर अपने स्तर पर शैक्षणिक एवं आर्थिक उत्थान के साथ अनुपूरक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी उपयोजना कार्यक्रम तथा विशेष घटक योजना के संबंध में नोडल विभाग के नाते विभिन्न विकास विभागों के मध्य समन्वयक की भूमिका निभाते हुए योजनाओं के बजट प्रावधान एवं अनुश्रवण का कार्य भी कर रहा है।

  • जनजाति तथा विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ते हुए समाज के अन्य क्षेत्रों के समकक्ष लाना ।
  • विशेष पिछडी जनजाति समूह का उत्थान कर उन्हें अन्य जनजाति वर्गो के समकक्ष लाना ।
  • जनजाति वर्गों के शैक्षणिक उत्थान के लिए शिक्षा विषयक योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता से लागू करना |
  • जनजाति की परम्परागत संस्कृति को पाठ्यक्रमों में स्थान देना जनजाति महिलाओं के लिए को-आपरेटिव सोसायटियों का गठन ।
  • विभिन्‍न प्रशिक्षण, योजनाओं के माध्यम से रोजगार के कौशल उन्‍नयन रोजगार एवं स्‍वरोजगार योजनाओं के माध्‍यम से आर्थिक विकास के साधन उपलब्ध कराना।
  • जनजाति वर्ग के बच्‍चों के शैक्षणिक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाना ।
  • जनजातीय क्षेत्रों के मानव विकास सूचकांकों को गैर जनजातीय क्षेत्रों के मानव विकास सूचकांकों के समकक्ष लाना ।
  • विशेष पिछड़ी जनजातियों के मानव विकास सूचकांक को कम से कम अन्य जनजातियों के मानव विकास सूचकांक के समकक्ष लाना ।
  • जनजाति वर्ग की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना ।